कंप्यूटर के प्रकार | Types of Computer in Hindi

आज हम इस पोस्ट में कंप्यूटर के सभी प्रकार (Types of Computer in Hindi) के बारे में विस्तार से जानेंगे| हालांकि कंप्यूटर क्या है इस पोस्ट में हम कुछ-कुछ जाने है जो उतनी विस्तार से नही बताया गया था| तो चलिए आज हम इस पोस्ट में कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है एवं उनसब के बारे में विस्तार से जानते हैं|

कंप्यूटर के प्रकार – Types of Computer in Hindi

कंप्यूटर का वर्गीकरण का आधार

कंप्यूटर को तकनीकी एवं सैधांतिक के आधार पर मुख्यतः दो प्रकार से विभाजित किया गया है| जो निम्न प्रकार के हैं| (A) आकृति ( आकर ) के आधार पर और (B) कार्य-पद्धति आधार के पर |

(A) आकृति ( आकर ) के आधार पर कंप्यूटर का वर्गीकरण

कंप्यूटर में सहायक यंत्र तथा पुर्जे आवश्यकतानुसार बढ़ाये जाते है या जा सकते है| जिससे कंप्यूटर के आकर में वृद्धि हो जाती है| इसीलिए आकर के आधार पर कंप्यूटर को निम्नलिखित रूपों में वर्गीकृत किया गया है|

  1. माइक्रो-कंप्यूटर (Micro-computer)
  2. मिनी कंप्यूटर (Mini Computer)
  3. सुपर मिनी कंप्यूटर (Super mini Computer)
  4. मेन फ्रेम कंप्यूटर ( Main Frame Computer)
  5. सुपर कंप्यूटर (Super Computer)

1. माइक्रो-कंप्यूटर (Micro-computer) – इसका विकास 1970 ईस्वी से आरम्भ हुआ था| जब CPU (Central Processing Unit) में माइक्रो-प्रोसेसर का उपयोग किया जाने लगा था| इसका विकास सबसे पहले I.B.M कंपनी ने किया था| इसमें 8, 16, 32 एवं 64 बिट माइक्रो-प्रोसेसर का प्रयोग किया जाता है|

यह टेलीविज़न के आकर का होता है जिसकी कार्य क्षमता एक लाख अनुदेश प्रति सेकंड (100 के० आई० पी० एस०) के बराबर होती है| माइक्रो-कंप्यूटर चार प्रकार के होते हैं- Home Computer, Personal Computer, Note Book या Laptop Computer, Word-processor Computer|

माइक्रो-कंप्यूटर (Micro-computer) का उपयोग- घर, ऑफिस, चिकित्सा, रक्षा, मनोरंजन व्यापर इत्यादि अनेक क्षेत्रों में इसका उपयोग होता है|

2. मिनी कंप्यूटर (Mini Computer) – इसका आकर छोटा होने की वजह से इसे मिनी कंप्यूटर कहते हैं| यह माइक्रो-कंप्यूटर से लगभग 5 से 50 गुणा अधिक शीघ्रता से काम करता हैं| इसके द्वारा 5 से 50 लाख तक अनुदेश प्रति सेकंड प्रतिपादित किया जा सकता है| इसकी संग्रहन क्षमता और कार्य बहुत तेज़ गति से होता है| इसका अविष्कार 1965 में DEC (Digital Equipment Corporation) नाम की कंपनी ने की थी|

मिनी कंप्यूटर (Mini Computer) का उपयोग- अनुसंधान, कंपनी, बड़े-ऑफिस, यात्री-आरक्षण इत्यादि कार्यों के लिए मिनी कंप्यूटर (Mini Computer) का उप्तोग किया जाता है|

3. सुपर मिनी कंप्यूटर (Super mini Computer) – वैसा मिनी कंप्यूटर जिसमे मेन फ्रेम कंप्यूटर के बराबर प्रोसेसिंग पॉवर होता है, उसे सुपर मिनी कंप्यूटर (Super mini Computer) कहतें हैं|

4. मेन फ्रेम कंप्यूटर ( Main Frame Computer) – सुपर कंप्यूटरों को छोड़ कर सभी विशाल आकर वाले कंप्यूटर को मेन फ्रेम कंप्यूटर ( Main Frame Computer) कहते हैं|इसमें माइक्रो-प्रोसेसर की संख्या अधिक होती है| इसके कार्य करने और संग्रहण की क्षमता बहुत अधिक और कार्य गति भी बहुत तीव्र होती है|

इसमें सामान्यतः 32 या 64 बिट का माइक्रो-प्रोसेसर का उपयोग होता है| इस कंप्यूटर में बहुत सरे लोग एक साथ अलग-अलग काम कर सकते हैं|इसके अलावा इसमें ऑनलाइन रह कर भाड़ी मात्रा में डाटा प्रोसेसिंग किया जा सकता हैं|

मेन फ्रेम कंप्यूटर ( Main Frame Computer) का उपयोग – रक्षा, अनुसंधान, बैंक, अंतरिक्ष एवं बड़ी-बड़ी कंपनियों आदि क्षेत्रों में किया जाता हैं|

5. सुपर कंप्यूटर (Super Computer) – वैसा कंप्यूटर जिसका स्मृति भंडार 52 मेगाबाइट से ज्यादा और जो 500 एम फ्लॉपी की क्षमता से कार्य कर सकते हैं सुपर कंप्यूटर (Super Computer) कहलातें हैं| आज के युग में यह सबसे अधिक शक्तिशाली और महंगा कंप्यूटर हैं| इसमें कई प्रोसेसर समान्तर क्रम में लगें रहतें हैं|

इस प्रकार इस तरह के कंप्यूटरों में मल्टी-प्रोसेसिंग और समान्तर प्रोसेसिंग का उपयोग किया जाता हैं|इस पर बहुत सारे लोग एक साथ काम कर सकते हैं| इसकी गणन क्षमता और मेमोरी अत्यंत उच्च होती हैं| इस प्रकार के कंप्यूटर की जरूरत तब होती है जब अनवरत रूप से बदल रहे अनेक आंकड़ो को समानुक्रमित करना होता है|

सुपर कंप्यूटर (Super Computer) का उपयोग – मौसम विज्ञान, भू-गर्भीय सर्वेक्षण, अन्तरिक्ष अनुसंधान, पेट्रोलियम उद्योग में खनिज तेल की खानों का पता लगाने के लिए, स्वचालित वाहनों के डिजाईन बनाने के लिए|

(B) कार्य-पद्धति आधार के पर कंप्यूटर का वर्गीकरण

कार्य-पद्धति आधार के पर कंप्यूटर 5 प्रकार के होते हैं|

  1. अंकीय कंप्यूटर (Digital Computer)
  2. एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer)
  3. हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer)
  4. प्रकाशीय कंप्यूटर (Optical Computer)
  5. एटॉमिक कंप्यूटर (Atomic Computer)
  1. अंकीय कंप्यूटर (Digital Computer) – आज के समय में सभी कंप्यूटर डिजिटल तकनीक पर आधारित होते हैं, इसीलिए इन्हें डिजिटल कंप्यूटर भी कहा जाता हैं| PC, Laptop और Supre कंप्यूटर भी डिजिटल कंप्यूटर हैं| डिजिटल कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक संकेतों पर चलतें है तथा गणना के लिए द्वि-आधारी अंक-पद्धति का प्रोयोग किया जाता है| इनकी गति तीव्र होती है एवं यह सभी प्रकार की गणनाएं गिनकर करते हैं|

2. एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer) – ये वें कंप्यूटर होते हैं, जिनमे भौतिक राशियों जैसे- दाब, तापमान, लम्बाई आदि को इलेक्ट्रॉनिक परिपथों की साहयता से विद्युत् संकेतों में रूपांतरित किया जाता है| ये कंप्यूटर किसी राशी का परिमाप तुलना के आधार पर करते हैं| इनकी गति बहुत धीमी होती है| और इसकेके द्वारा की गयी गणना 100% शुद्ध नही होती है| इसीलिए अब इस प्रकार के कंप्यूटर का उपयोग नही किया जा रहा हैं|

3. हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer) – यह कंप्यूटर डिजिटल एवं एनालॉग का मिश्रित रूप है| इसमें गणना और प्रोसेसिंग के लिए डिजिटल रूप का प्रयोग किया जाता हैं, जबकि इनपुट एवं आउटपुट के लिए एनालॉग संकेतों का उपयोग होता है|

इस तरह के कंप्यूटरों का उपयोग अधिकांशतः स्वचालित उपकरणों जैसे- रोबोट आदि में किया जाता है| इसके अलावा अस्पताल, रक्षा क्षेत्र व विज्ञापन आदि में भी किया जाता है|

4. प्रकाशीय कंप्यूटर (Optical Computer) – यह पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर के विकास क्रम से बनाये जा रहे हैं|जिसमें एक अवयव से दुसरे अवयव को जोड़ने के लिए ऑप्टिकल फाइबर के तारों का उपयोग किया जाता हैं| इसकी गणना करने वाले डिवाइस प्रकाशीय पद्धति पर बनाये गये हैं| क्योंकि प्रकाश की गति विद्युत् से अधिक होती है, इसीलिए बिना तार के प्रकाशीय पद्धति पर आधारित कंप्यूटर विकसित किये जा रहा हैं|

5. एटॉमिक कंप्यूटर (Atomic Computer) – कार्नेगी विश्वविद्यालय में एक ऐसा कंप्यूटर की खोज का कार्य चल रहा है, जो कुछ विशेष प्रोटीन अणुओं को एकीकृत परिपथ में बदलने में और कंप्यूटर को इतनी अधिक स्मृति क्षमता प्रदान कर दे कि ऐसा कंप्यूटर आज के कंप्यूटरों से 1000000गुनी क्षमता का हो एवं पूर्ण गति से संपन्न हो जाये|

पामटॉप (Palmtop) क्या हैं

पामटॉप बहुत ही छोटा कंप्यूटर है, जिसे हाथ में रखकर उपयोग किया जा सकता है| इसका आकार मोबाइल फ़ोन के जैसा होता है जिसे मिनी लैपटॉप भी कह सकते हैं| की-बोर्ड की जगह इसमें आवाज़ द्वारा कोई भी डाटा को इनपुट किया जाता हैं|

PDA (Personal Digital Assistant) भी एक छोटा कंप्यूटर है, जिसे नेटवर्क से जोड़कर अनेक कार्य किये जा सकते है एवं इसे फ़ोन की तरह भी व्यव्हार किया जाता हैं|

वर्क स्टेशन (Work Station) क्या हैं

वर्क स्टेशन एक शक्तिशाली PC है, जो अधिक प्रोसेसिंग क्षमता, विशाल भण्डारण क्षमता एवं डिस्प्ले को ध्यान में रखकर बनाया जाता है| इस पर एक बार में एक ही इन्सान काम कर सकता हैं|

भारत का सुपर कंप्यूटर : “परम-10000”

अमेरिका, जापान और चीन के बाद भारत सुपर कंप्यूटर को विकसित करने वाला विश्व का चौथा देश है| 23 मार्च 1998 ईस्वी को C-DAC (Centre for Development of Advanced Computing) के 11वें स्थापना दिवस के अवसर पर पुणे में सुपर कंप्यूटर ‘परम’ श्रिंखला का सबसे आधुनिक स्वरूप “परम-10000” का अनावरण किया गया था|

इसके निर्माण का श्रेय C-DAC के निदेशक विजय भास्कर को जाता हैं| भारत द्वारा निर्मित यह सुपर कंप्यूटर प्रति सेकंड 100 अरब गणनाएं करने में सक्षम हैं|

“परम-10000” का उपयोग मौसम सम्बन्धी जानकारियां, भू-गर्भिय विशलेषण तथा रक्षा सेवाओं में किया जाता हैं|C-DAC ने ‘परम-पदम्’ नाम से भी सुपर कंप्यूटर का विकास किया| इसकी गणन-क्षमता100 गीगा फ्लॉप है|

कुछ रोचक तथ्य जो जानना बहुत जरूरी हैं

  • विश्व का प्रथम सुपर कंप्यूटर Cray K-1S है, जिसका निर्माण अमेरिका की क्रे रिसर्च कंपनी ने 1979 में किया था|
  • भारत के प्रथम सुपर कंप्यूटर ‘Flow Solver’ का विकास NAL (National Aeronautics Lab) बेंगुलुरु द्वारा किया गया था|
  • अनुपम सीरीज का सुपर कंप्यूटर का विकास BARC (Bhabha Atomic Research Centre) मुंबई द्वारा किया गया था|
  • Pace सीरीज के सुपर कंप्यूटर का विकास DRDO (Defence Research हैदराबाद and Development Organisation) हैदराबाद द्वारा किया गया था|
  • विश्व का सबसे तर्ज़ कंप्यूटर IBM का RODERNOR है, जो 16 हजार खरब गणनाएं प्रति सेकंड कर सकता है|
  • भारत तथा एशिया का सबसे तेज़ सुपर कंप्यूटर EKA है| यह 118.9 ट्रिलियन गणना प्रति सेकंड कर सकता है| यह विश्व का चौथा सबसे तेज़ सुपर कंप्यूटर है|
  • सुपर कंप्यूटर ‘नॉन-वोन न्यूमान सिद्धांत’ के आधार पर बनाया जाता हैं|
  • कंप्यूटर निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी होने के कारण भारत का बेंगलुरु शहर Silicon Valley के नाम से प्रसिद्ध है|
  • IBM के Deep Blue कंप्यूटर शतरंज के विश्व चैंपियन गैरी कास्परोव को पराजित किया था| यह 1 सेकंड में 20 करोड़ शतरंज की चालें चल सकता है|

निष्कर्ष– उपरलिखित पोस्ट “Types of Computer in hindi “में आप कंप्यूटर के सभी प्रकारों के बारे में विस्तार से जान गये होंगे जो आपको कोई भी प्र्तियोगित से जुड़ा हुआ परीक्षा में बहुत ही काम आएगी|

आशा करता हु की आप सबों को हमारा ये पोस्ट पसंद आया होगा| अगर हमारे इस पोस्ट में कोई गलत तथ्य या कोई बिंदु आपको गलत लगे तो आप हमे कमेंट करे जिस से हम अपना यह पोस्ट को अपडेट कर सके| और यदि आप हमारा यह पोस्ट Types of Computer in hindi से संतुस्ट है और आपको बहुत अच्छा लगीं हो तो अपने दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, ताकि उन्हें भी पढने का मौका मिले और हमारा मनोबल बना रहे जिससे हम आप सबों के लिए ऐसा ही अच्छा-अच्छा पोस्ट लेकर आये| धन्यवाद

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